चाँद हमें रात में चमकता दिखता है, लेकिन दिखाई देने वाली चाँदनी उसका अपना बनाया प्रकाश नहीं है। NASA के अनुसार हम चाँद की सतह से लौटती सूर्य की रोशनी देखते हैं।

रोशनी लौटना यानी परावर्तन

सूर्य का प्रकाश चाँद की सतह पर पड़ता है। उसका कुछ हिस्सा वापस अंतरिक्ष में जाता है और उसमें से कुछ हमारी आँखों तक पहुँचता है। इसी वजह से चाँद दिखाई देता है। चाँद की सतह वास्तव में बहुत चमकीली नहीं है; वह पड़ने वाली रोशनी का लगभग दसवाँ हिस्सा लौटाती है।

इसे कमरे में समझें

एक अँधेरे कमरे में सफेद कागज़ पर टॉर्च डालिए। कागज़ दिखने लगेगा, जबकि उसने खुद रोशनी बनाना शुरू नहीं किया। यह केवल परावर्तन समझाने का सरल उदाहरण है; कागज़ और चाँद की सतह एक जैसी नहीं हैं।

याद रखने की बात

‘चमकता दिखाई देना’ और ‘अपनी रोशनी बनाना’ अलग बातें हैं। अगली बार चाँदनी देखें तो प्रकाश की इस यात्रा को याद करें: सूर्य से चाँद और फिर आपकी आँखों तक।

और पढ़ने के लिए नीचे NASA का मूल विवरण दिया है। लेख की तस्वीर सजावटी है; वह चाँद का वैज्ञानिक चित्र नहीं है।

स्रोत और आगे पढ़ें

NASA Science: Moonlight