हिंदी में पढ़ना शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी रुचि से पूछिए। आपकी पहली किताब को सबसे प्रसिद्ध या सबसे कठिन होना आवश्यक नहीं। उसका काम आपके और पढ़ने के बीच सहज रिश्ता बनाना है।

आप किस तरह की बात सुनना पसंद करते हैं?

किसी के जीवन के अनुभव पसंद हैं तो संस्मरण की ओर देखिए। छोटी घटनाएँ और पात्र आकर्षित करते हैं तो कहानी। भाषा की लय अच्छी लगती है तो कविता के कुछ पन्ने आज़माइए। ये प्रवेश-द्वार हैं, स्थायी सीमाएँ नहीं।

खरीदने से पहले थोड़ा पढ़ें

पुस्तकालय, पुस्तक की दुकान या प्रकाशक द्वारा उपलब्ध अंश में शुरुआती दो-तीन पन्ने पढ़ें। भाषा समझ में आ रही है? कोई सवाल या दृश्य आगे पढ़ने का मन बना रहा है? आपके उत्तर पुस्तक की लोकप्रियता से अधिक उपयोगी संकेत हो सकते हैं।

बहुत सारे नए शब्द मिलना अपने आप में समस्या नहीं। लेकिन अगर हर पंक्ति पर रुकना पड़ रहा है, तो फिलहाल अधिक सहज पुस्तक चुनना भी अच्छा निर्णय है।

एक छोटा प्रयोग तय करें

शुरू में दस किताबों की सूची बनाने के बजाय एक छोटी रचना के लिए तीन बैठकें तय करें। हर बैठक के बाद एक पंक्ति लिखें कि क्या याद रहा। किताब समाप्त होने पर तुरंत अगली चुनने की जल्दी न करें।

  • रुचि: क्या विषय आपको बुलाता है?
  • भाषा: क्या कुछ पन्ने सहज पढ़ पाते हैं?
  • समय: क्या चुनी रचना आपकी वर्तमान दिनचर्या में जगह पाती है?